प्रेो. माुकेशु पााण्डेयों जोी

डॉ एम के पाण्डेय वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। लोक साहित्य में उनकी विशेष रुचि है और भोजपुरी लोक साहित्य के वे एक संवेदनशील तथा गहन विश्लेषक माने जाते हैं। इसके साथ ही सिनेमा पर उनकी पकड़ उन्हें इस क्षेत्र के प्रमुख जानकारों में स्थापित करती है।

डॉ पाण्डेय का लेखन अकादमिक गहराई के साथ सहज भाषा का संतुलन साधता है। OutlookHindi.com पर प्रकाशित उनका लेख ‘नब्बे के दीवाने’ पाठकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रहा है। इसी तरह साहित्य कला और सिनेमा पर ‘द लल्लनटॉप’ के लिए लिखे गए उनके लेखों ने व्यापक पाठक वर्ग का ध्यान आकर्षित किया है।

उनकी दृष्टि परंपरा और समकालीनता को एक साथ देखने की है। लोक और लोकप्रिय संस्कृति के बीच के संबंधों को वे अपने लेखन में सहजता से उजागर करते हैं। एक शिक्षक और लेखक के रूप में वे नई पीढ़ी को साहित्य और सिनेमा को समझने की नई दृष्टि प्रदान करते हैं।

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