बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल

बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में हर साल आयोजित होने वाला एक साहित्यिक उत्सव है, जो बुंदेलखंड की कला, संस्कृति और साहित्य को मंच देने का काम करता है।

शुरुआत कैसे हुई

इस फेस्टिवल की शुरुआत साल 2020 में समाजसेवी चंद्र प्रताप सिंह ने की थी। वे इस फेस्टिवल के संस्थापक और निदेशक भी हैं। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देना और उसे देशभर तक पहुंचाना था।

पहला संस्करण – 2020

बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल का पहला आयोजन 28 फरवरी 2020 को झांसी किले के पास स्थित क्राफ्ट फेयर ग्राउंड में हुआ था।

इस आयोजन में हिंदी और बुंदेली साहित्य, रंगमंच, पत्रकारिता, सिनेमा और टेलीविजन जगत से जुड़े कई प्रसिद्ध साहित्यकार और कलाकार शामिल हुए। फेस्टिवल में बुंदेली और हिंदी साहित्य, लोकसंस्कृति और क्षेत्रीय कला से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. जे.वी. वैशंपायन ने की। इस मौके पर प्रसिद्ध हिंदी लेखिका मैत्रेयी पुष्पा, पद्मश्री सम्मानित कैलाश मदवैया और अभिनेता राजा बुंदेला जैसी कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।

प्रतिभागी

 

2020 के बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल में निम्न साहित्यिक और सांस्कृतिक हस्तियों ने भाग लिया:

 

मैत्रेयी पुष्पा
पद्मश्री कैलाश मदवैया
ऋचा अनिरुद्ध
अंकिता जैन
नवीन चौधरी
आजम कादरी
प्रहलाद अग्रवाल
इंद्रजीत सिंह
दिनेश शंकर शैलेंद्र
इंदिरा दांगी
कुलदीप राघव
गीत चतुर्वेदी
विवेक मिश्रा
राजा बुंदेला
सुष्मिता मुखर्जी
डॉ. शरद सिंह
डॉ. पंकज चतुर्वेदी
प्रो. जे.वी. वैशंपायन

Scroll to Top