Season 2
बीएलएफ के प्रथम सफल आयोजन के पश्चात इसका दूसरा संस्करण 05, 06 और 07 मार्च 2021 को आयोजित किए जाने हेतु प्रस्तावित किया गया था। आयोजन की लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थीं और इस बार महोत्सव को पहले से अधिक भव्य, व्यापक और प्रभावशाली स्वरूप देने की दिशा में विशेष कार्य किया गया था। साहित्य, सिनेमा, मीडिया और कला जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित किया गया था। साथ ही “केन्द्रीय हिंदी संस्थान” भी इस आयोजन से सह-प्रायोजक के रूप में जुड़ गया था, जिससे महोत्सव की गरिमा और अधिक बढ़ी।
इस संस्करण में विशेष रूप से बुन्देलखण्ड की विलुप्त होती लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखा गया था। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महिलाओं द्वारा आल्हा-ऊदल मंचन, हरदौल नाटिका, ढोला, नरसिंघ नाटक, झिंझिया-टेसू नृत्य तथा अन्य लोकनृत्यों और लोककलाओं को शामिल किया जाना प्रस्तावित था। आयोजन समिति का उद्देश्य केवल चर्चित कलाकारों को मंच देना नहीं था, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय लोक कलाकारों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाना था।
तीनों दिनों में “अथाई मंच” का आयोजन भी प्रस्तावित था, जहाँ युवा रचनाकारों और कलाकारों को कविता, लेखन, संगीत और लोकगायन प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना था। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम को आंशिक रूप से डिजिटल स्वरूप में भी आयोजित करने की तैयारी की गई थी, ताकि दूर-दराज के साहित्यकार, कलाकार और दर्शक डिजिटल माध्यम से इस महोत्सव से जुड़ सकें। कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल के रूप में दीनदयाल सभागार, झांसी को निर्धारित किया गया था।
किन्तु कोरोना महामारी की दूसरी लहर के तीव्र प्रभाव के कारण, सभी तैयारियां पूर्ण होने के बावजूद इस आयोजन को स्थगित करना पड़ा। बावजूद इसके, यह संस्करण बीएलएफ की उस व्यापक सोच और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया, जिसमें बुन्देलखण्ड की लोकधारा, साहित्य और कला को नए युग से जोड़ने का गंभीर प्रयास दिखाई देता है।
2021 संस्करण
साल 2021 में सरकार द्वारा लगाए गए COVID-19 महामारी से जुड़े प्रतिबंधों के कारण बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन रद्द कर दिया गया था।