Season 5

‘बुंदेलखण्ड लिट्रेचर फेस्टिवल’ इसी विरासत का उत्सव है। यह महोत्सव केवल किताबों और कविताओं तक सीमित नहीं, बल्कि यह उत्सव है कहानियों का और उनके किरदारों का यहाँ साहित्य, कला, संस्कृति और आधुनिकता का संगम देखने को मिलता है। युवा और वरिष्ठ लेखक, कलाकार और विचारक एक ही मंच पर बुंदेली संस्कृति की गरिमा को संजोते हैं, नए दृष्टिकोण और अनुभव साझा करते हैं।

बीएलएफ में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत मेल है। लोकगीत, कविता, नृत्य, और शोधपरक संवाद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संवेदनाओं और सामाजिक चेतना को जगाते हैं। यह महोत्सव दर्शाता है कि बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं, और इन्हें समझना, संजोना और आगे बढ़ाना ही इस भूमि की असली ताकत है।

इस बार का कार्यक्रम झाँसी की तलहटी में स्थित जनरल विपिन रावत शहीद पार्क में आयोजित हुआ था। जहाँ से किला मंच के सामने ही दिखता था और चारो और बुंदेली लोकगीत, कविता, नृत्य, कला, साहित्य एवं सनेमा का  समावेश था।

बीएलएफ आधुनिकता और परंपरा का संगम है। यह दिखाता है कि साहित्य केवल पठन-पाठन नहीं, बल्कि अनुभव, संवाद और समाज से जुड़ाव है। यह महोत्सव बुन्देलखण्ड को साहित्य, कला और संस्कृति के मानचित्र पर प्रतिष्ठित करता है और हमें याद दिलाता है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों को संजोना ही हमारी असली ताकत है।

हमारे गणमान्य अतिथि:

  • श्री बिमल कुमार दुबे (मंडलायुक्त, झांसी मंडल)
    • प्रो. मुकेश पाण्डेय (कुलपति, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय)
    • श्री राममोहन शर्मा (पत्रकार)
    • श्रीमाती ऋतु भारद्वाज (संस्थापक, कनेक्टेड)
    • डॉ. सरोज दुबे (लेखक, मोटिवेशनल स्पीकर)
    • डॉ. रचना विमल दुबे (शिक्षाविद, साहित्यकार)
    • श्री संदीप मुरारका (आदिवासी विषयों पर लिखने वाले लेखक)
    • श्री रोहित कुमार (लेखक, हिन्दी अधिकारी इफ्को)
    • श्री मृत्युंजय कुमार (पूर्व डीजीपी, पश्चिम बंगाल, लेखक)
    • श्री अरिंदम घोष (वरिष्ठ पत्रकार)
    • श्री नीरज बधवार (पत्रकार, लेखक)
    • श्री अनुज खरे (एंकर, रिपोर्टर)
    • श्रीमाती बाबुषा कोहली (लेखक, शिक्षक)
    • श्री मंजीत ठाकुर (लेखक, पत्रकार)
    • डॉ. मुन्ना पाण्डेय (लेखक, एसोसिएट प्रोफेसर)
    • डॉ. दीपक जायसवाल (लेखक, पूर्व असिस्टेंट जीएसटी कमिश्नर)
    • डॉ. शैलेन्द्र सिंह (शिक्षाविद)
    • श्री गिरिवर दयाल (आईएफएस अधिकारी)
    • राहुल नील (लेखक)
    • श्री ऋषि कुमार शर्मा (उपसचिव, हिंदी अकादमी, लेखक)
    • श्रीमाती उर्मिला शिरीष (कथाकार, संपादक, आलोचक)
    • श्री सुधाकर पाठक (लेखक)
    • डॉ. अनुप शुक्ल (लेखक, व्यंग्यकार)
    • डॉ. आलोक पुराणिक (लेखक, व्यंग्यकार)
    • श्रीमतीरीमा गौतम (पत्रकार)
    • श्री सईद अंसारी (पत्रकार, एंकर, आजतक)
    • श्री आसिफ खान (अभिनेता)
    • सुश्री कविता शर्मा (बुंदेली गायिका)
    • श्री पंकज पंडित (कवि)
    • डॉ. वेदवत्स (लेखक)
    • श्रीमाती वंदना यादव (लेखक)
    • श्री रक्षित टंडन (साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ)
    • प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी (लेखक, अधिष्ठाता छात्र, दिल्ली विश्वविद्यालय)
    • श्रीमाती साधना सिंह (अभिनेत्री)
    • श्री शाहनवाज (आरजे, बिग एफएम)
    • सुश्री अनुष्का कौशिक (अभिनेत्री)

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं अन्य आकर्षण:
• अथाई मंच पर कविता, गायन और नृत्य प्रस्तुतियां
• बुंदेली लोकगीत और संगीत संध्या
• पुस्तक प्रदर्शनी एवं बुक स्टॉल
• बुंदेली हस्तशिल्प स्टॉल
• बुंदेली व्यंजन स्टॉल
• कला एवं साहित्य प्रदर्शनी
• डिजिटल डिटॉक्स और नो मोबाइल जोन पहल

पर्ल्स ऑफ बुन्देलखण्ड सम्मान 2025 समारोह:

  • स्व. अयोध्या प्रसाद गुप्त जी- पर्ल्स ऑफ बुन्देलखण्ड सम्मान 2025
    • पं. परशुराम पाठक जी- पर्ल्स ऑफ बुन्देलखण्ड सम्मान 2025

 

 

2025 संस्करण

Scroll to Top